Tuesday, 12 April 2011

Parivar Devata or Kshetra darshan

Narsimha Murti

Mulmurti

Ramadas sthaapit Bahe Maaruti

Ramling

Shree Lakshmi Devi Aarti

श्री लक्ष्मी देवीची आरती

जय जय ऐश्वर्य वैभवशाली धनदाई तू सर्वाते
अगाध महिमा तव चरणांचा वर्णाया मज शब्द नसे॥धृ 
क्षीरसागरी तो वास तुझा गे 
विष्णूपत्नी तू महामाया
पद्मधारिणी पद्मानिवासिनी 
उद्योगी गृही तू नित्य वसे 
जय जय ऐश्वर्य वैभवशाली धनदाई तू सर्वाते
अगाध महिमा तव चरणांचा वर्णाया मज शब्द नसे 
तुझ्या कृपेने दुःख न येते 
सर्व असंभव संभव होते
सर्वहि अपुरे तुझ्या विना ते
तुझ्या विना मन घाबरते 
जय जय ऐश्वर्य वैभवशाली धनदाई तू सर्वाते
अगाध महिमा तव चरणांचा वर्णाया मज शब्द नसे 

Sunday, 10 April 2011

श्रीलक्ष्मीनृसिंह आरती


जयदेव जयदेव जय नरहरी अवतारा
श्रीकर श्रीवर श्रीधर विधिकर श्रुतीसारा 
सैत्यी ऊर्वी पूर्वी त्रासित अतिनिकरी 
क्षीरसागरी प्रार्थिती सुरमुनी अवधारी 
ऐकुनी कृपे द्रवला श्रीप्रभू अंतरी 
म्हणे ना मी सर्वा श्रीगुरू कैवारी         
जयदेव जयदेव .....
भक्तमुखी श्रीस्तंभी क्रोधे अवतरले                               
कडकड शब्द होता फणीवर सूर लवले
अग्नी धाके कूर्म मेरू नग खचले 
तटतट तुटती तारे सागर कालवते
जयदेव जयदेव ....
भू कंपित पाताळे स्वर्गादी गगन 
डळमळली ब्रह्मांडे चंडांशु पवन
हिरण्य कशीपू अंकी स्वनखे विदारून 
अंतर्माला घाली श्रीसिंहवदन
 जयदेव जयदेव ....
सुरेन्द्रादि अमर श्रीसह सन्निध |
प्रळादादिक स्तविती तोपुनि अनिरुद्ध |
नखे रोविता औदुंबरी हरिता विषक्रोध |
जयजयकार करिती सुरमुनी अगाध || जयदेव जयदेव...
औदुंबर कल्पद्रुम करुनी प्रख्यात  |
लक्ष्मीनरसिंह  सर्वही वर देत |
जाणुनी राहे नरहरी तरुतळी अतिप्रीती |
पद्तीर्थामृत गंगा सेवित गुरुभक्ती |||| जयदेव जयदेव .....

नरसिंहाची विविध रुपे

















Monday, 4 April 2011

Ancient Temple at Kole Narsimhapur, dist.Sangli, Maharasthra.

Narsimha  Palkhi

Krishna Snan

Krishna Snan

Utsav Murti Puja

Gram Pradakshina

Utsav Murti

Krishna Mai

Lakshmi Narsimha



History

Shaligram Stone Murti

Swayambhu Narsimha Murti